इस तेज़ रफ़्तार दुनिया में जहाँ हर कोई सीधे-सादे रास्ते पर भाग रहा है, हमने सोचा कि ज़रा ‘टेढ़ी नज़र’ डालकर देखें। पता चला, सीधी राह पर तो बस भेड़चाल है, असली किस्से तो गलियों और नुक्कड़ों में, इतिहास की धूल फांकती किताबों में और साहित्यिक कोनों में दबे पड़े हैं। इन्हें कौन निकालेगा बाहर? इन्हें कौन जगाएगा? बस, इसी ‘खीझ’ और ‘बगावत’ के नतीजे में पैदा हुई है आपकी अपनी Dasstak.in।
हम वो लोग हैं जो मानते हैं कि ख़बर सिर्फ़ हेडलाइन नहीं होती, इतिहास सिर्फ़ तारीख़ें नहीं होतीं और साहित्य सिर्फ़ किताबी ज्ञान नहीं होता। ये सब तो ‘सच’ के अलग-अलग रूप हैं, जो अक्सर आराम फरमा रहे होते हैं। और उस आराम फ़रमाते ‘सच’ को जगाने के लिए, हमें ‘दस्तक’ देनी पड़ती है!
हमारा काम क्या है? (या, हम ये ‘टेढ़ी-मेढ़ी दस्तकी’ क्यों दे रहे हैं!)
- हर ख़बर पर ‘टेढ़ी नज़र’: हम हर बात को वैसे का वैसा नहीं मान लेते। हमारी टीम पहले ख़बर पर एक ‘टेढ़ी नज़र’ डालेगी, उसे उल्टा-सीधा देखेगी, और फिर एक नया एंगल निकालेगी जो आपको बताएगा कि ‘असल माजरा क्या है’। सीधी बात में टेढ़ापन ढूंढना हमारा शगल है।
- दबे हुए किस्सों की ‘दस्तक’: इतिहास की धूल फांकती अलमारियों से लेकर साहित्य के अनदेखे पन्नों तक, हम हर उस कोने में ‘दस्तक’ देंगे जहाँ कोई अनमोल कहानी या जानकारी चुपचाप बैठी है। वो कहानियाँ जो मुख्यधारा की सुर्खियों से गायब हैं, उन्हें हम अपनी ‘दस्तक’ से बाहर निकालेंगे।
- सिर्फ़ ख़बर नहीं, ‘मूड’ भी: हम सिर्फ़ न्यूज़ नहीं परोसते। हम चाहते हैं कि आप हमारे कंटेंट को पढ़कर हंसे, सोचें, कभी थोड़ा गुस्सा भी करें, लेकिन बोर बिल्कुल न हों। हमारी भाषा वैसी ही बेधड़क और बिंदास है, जैसी यंगिस्तान की जुबान पर आती है – देसी, अंग्रेजी, लोकल, सब मिक्स मसाला।
- आपकी ‘पिच’ का स्वागत: अगर आपके पास भी कोई ऐसी प्रामाणिक, हास्यपूर्ण या विचारोत्तेजक कहानी है जो ‘दस्तक’ देने लायक है, तो घबराइए नहीं! हमारे ‘पिच करें’ सेक्शन में आकर अपनी बात रखिए। हम चाहते हैं कि ‘सच’ सिर्फ़ हमारी ही नहीं, आपकी आवाज़ से भी बाहर आए। क्योंकि हमें पता है, हर गली-कूचे में एक ‘जासूस’ बैठा है जिसके पास कमाल के किस्से हैं।
तो अगर आप भी सीधी-सादी दुनिया से बोर हो चुके हैं और चाहते हैं कि कोई हर बात पर थोड़ी ‘टेढ़ी नज़र’ डाले और ‘सच’ के दरवाज़े पर बेबाकी से ‘दस्तक’ दे, तो Dasstak.in आपका नया अड्डा है! क्योंकि जब तक सच बाहर नहीं आता, हमारी ‘दस्तक’ जारी रहेगी।
