रिपोर्ट: Dasstak.in राजनीतिक डेस्क | पटना
बिहार की चुनाव से पहले महागठबंधन ने आधिकारिक रूप से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
इस घोषणा के साथ बिहार में तेजस्वी पहले और इस चुनाव के अब तक के एकमात्र औपचारिक सीएम उम्मीदवार बन गए हैं —
जबकि NDA, कांग्रेस, और प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी अब तक खुलकर कोई चेहरा सामने नहीं लाई हैं। हालांकि ये कोई अप्रत्याशित निर्णय नहीं है लेकिन संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस मे इसका ऐलान होना नया और चुनाव के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है |
महागठबंधन की आंतरिक खींचतान की खबरों पर विराम
सीट बंटवारे को लेकर काँग्रेस और आरजेडी मे नामांकन की आखिरी तारीख तक रस्साकशी चलती रही, 3 सीटों पर आरजेडी और काँग्रेस दोनों ने अपने उम्मीदवार उतारे वहीं सीपीआई और वीआईपी पार्टी ने भी आरजेडी के उम्मीदवारों के खिलाफ अपने उम्मीदवार मैदान मे उतार दिए थे | कई दिनों से सीट बंटवारे को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, सारी अटकलों पर आज विराम लगा दिया गया है | एनडीए के नेता महागठबंधन के इस सिर फुटौअल पर लगातार तंज कस रहे थे | वीआईपी के मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री पद के लिए बगावती तेवर दिखा रहे थे, उन्हे भी आज शांत करा दिया गया |
काँग्रेस भी लेगी उपमुख्यमंत्री का पद, अशोक गहलोत का ऐलान
काँग्रेस नेता अशोक गहलोत ने वीआईपी के मुकेश सहनी के साथ कॉंग्रेस के लिए भी उपमुख्यमंत्री पद रखा, यह कहकर की सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए | काँग्रेस इस बार बिहार चुनाव के लिए बहुत सक्रिय है, राहुल गांधी ने इस बार बिहार में पहले से कहीं ज्यादा समय बिताया है , सीट बंटवारे मे भी काँग्रेस की इस सक्रियता का असर दिखा | काँग्रेस ने 61 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं | हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव मे काँग्रेस को 70 सीटें मिली थी। लेकिन तब वीआईपी महागठबंधन का हिस्सा नहीं थी|

इस चुनाव के ‘अकेले’ घोषित सीएम उम्मीदवार हो गए तेजस्वी
अभी तक ना तो एनडीए और ना हीं प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने औपचारिक रूप से अपने सीएम उम्मीदवार घोषित किया है | एनडीए मे तो सीएम उम्मीदवार हीं सबसे ‘हॉट टॉपिक’ बना हुआ है | अमित शाह ने इशारा कर दिया है की नीतीश सीएम नहीं होंगे, उन्होंने इस मामले मे भारतीय राजनीति के सदाबहार जुमले का प्रयोग किया की विधायक खुद अपना नेता चुन लेंगे | प्रशांत किशोर इस बात पर अपनी पूरी साख दाँव पर लगा चुके हैं की नीतीश इस बार सीएम नहीं होंगे | सीएम उम्मीदवार घोषित करने के जुमलों मे जनसुराज का नया प्रयोग आया है, उनका कहना है की जनता इतनी योग्य है की वो खुद हीं मुख्यमंत्री चुन लेगी | महागठबंधन इस मामले मे कम से कम आगे निकल गया है |
